​ ​ अलीगढ़ के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में बच्चियों के साथ बर्बरता, यह विद्यालय है या जेल..?
Thursday, November 22, 2018 | 5:14:25 PM

RTI NEWS » RTI » RTI News


अलीगढ़ के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में बच्चियों के साथ बर्बरता, यह विद्यालय है या जेल..?

Monday, October 22, 2018 19:19:34 PM , Viewed: 1452
  • अलीगढ़: अलीगढ़ में दिल दहला देने वाली वीडियो आई सामने, कस्तूरबा गाँधी कन्या आवासीय विद्यालय की वीडियो आई सामने, बच्चियों को क्रूरता से मारने पीटने की वीडियो आई सामने, बाल पकड़कर ज़मीन पर डालकर बच्चियों को पीटा जाता है कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में, स्कूल की टीचर स्टाफ़ के बताए काम की मना करने पर की जाती है बच्चियों के साथ क्रूरता से डंडों से मार-पीट, बच्चियों से यहाँ टॉयलेट कराए जाते हैं साफ़, पूरे आवास और स्कूल परिसर की सफ़ाई कराई जाती है पढ़ने वाली बच्चियों से, टीचर स्टाफ़ पढ़ाई के वक्त भी कराती हैं खुद के काम, हाथ पैर दब वाता है बच्चियों से टीचर स्टाफ़, बीएसए की रिश्तेदार टीचर चलाती है अपनी दबंगई से आवासीय स्कूल को, स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों और परिजनों ने बताई दिल दहला देने वाली बातें, ज़ी मीडिया को मिली सभी दिल दहला देने वाली वीडियो, अधिकारी चेकिंग के नाम पर करते हैं खाना पूर्ति, मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का मामला।

    देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के  मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी की सरकार महिलाओं की सुरक्षा और बच्चियों को पढ़ लिख कर आगे बढ़ाने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उन्हीं की सरकार में चलाए जा रहे हैं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जो हो रहा है वह शायद ही अब किसी से छिपा हुआ है, हाल ही में एक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में देह व्यापार का भंडाफोड़ हुआ था, जिसके बाद हर स्कूल और आवास की गहनता से  जांच कर सरकार को अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट भेजी गई थी,,,,लेकिन हर ज़िले के प्रशासन द्वारा शासन को  जो रिपोर्ट भेजी गई थी उसको फ़ेल करने के लिए हमारे हाथ बेहद दर्द भरी वीडियो और सबूत हाथ लगे हैं,,,,दरअसल अलीगढ़ के थाना मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में गरीब परिवार अपनी बच्चियों को सरकार, ज़िला प्रशासन और टीचर स्टाफ़ के भरोसे अपने से दूर कर पढ़ने लिखने के लिए भेजते हैं, लेकिन उनके कलेजे के टुकड़े (बच्चियों) के साथ टीचर स्टाफ़ कितनी क्रूरता से पेश आता है.

    यहां बच्चियों से सुबह 4:00 बजे नींद से जगा कर टॉयलेट साफ़ कराया जाता है, आवास और स्कूल परिसर के फ़र्श, दीवार, सीढ़ियां, छत, पंखे, क्लास रूम हर जगह सफ़ाई कराई जाती है उसके बाद सभी बच्चियों में से बदल बदल कर आए दिन किचन के अंदर आटा गुंदना, रोटी बनाना, चूल्हा चलाना, सब्ज़ी काटने जैसे कार्य में लगा दिया जाता है, स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियां बता रही हैं कि टीचर स्टाफ़ पढ़ाई के वक्त अपनी हवा करवाती हैं हाथ पैर दबवाकर अपनी सेवा करवाती है, कपड़े प्रेस करवाती हैं,,, अगर यह काम बच्चियों ने नहीं किए तो उनके साथ क्रूरता से पेश आया जाता है, बच्चियों को बाल पकड़कर, चोटी पकड़कर घसीट कर स्कूल में पढ़ने वाली सभी बच्चियों के सामने ले जाकर ज़मीन पर डाल दिया जाता है, और लाठी डंडे लात घुसो से पिटाई की जाती है, उस वक्त पिटने वाली बच्चियां दर्द से कराह रही होती है और बोल रही होती हैं छोड़ दो मुझे बचाओ मुझे दीदी छोड़ दो मुझे,,,,,, यह सब सभी बच्चियों के सामने इस वजह से किया जाता है की सभी को दिख जाए यहां पढ़ने वाली बच्ची ने टीचर स्टाफ़ का बताया हुआ काम नहीं किया तो उसके साथ भी इसी तरह का हस्र किया जाएगा.

    कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियां और उनके परिजन बता रहे हैं की इस स्कूल की वार्डन उपासना जो कि कंप्यूटर की टीचर है, पारुल वार्ष्णेय जो की हिंदी की टीचर है, गुंजन पांडे जो बच्चियों को संगीत पढ़ाती है,,,, यह तीनों मिलकर बच्चियों को अपने नौकर की तरह रखती हैं सभी काम कराती हैं इतना ही नहीं बच्चियां बता रही हैं कि उनसे कक्षा में पढ़ाते समय या टीचर कहती हैं कि तुम सभी अपने परिवार पर बोझ हो इसी वजह से इस आवासीय विद्यालय में भेजा गया है यहां तुम ठूंस ठूंस कर खाने के लिए आते हो,,,, तो वहीं दूसरी बच्ची कह रही है कि यहां पर खाने के लिए दिए जाने वाले आइटम दूध और अन्य खाद्य सामग्री पूर्ण रूप से नहीं दी जाती,,,,, शिकायत करने पर मारपीट करते हैं वहीं एक बच्ची बता रही है कि वह मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती है जिसके लिए कहा जाता है कि मुस्लिम परिवार और उनकी बच्चियों के मुंह से बदबू आती है उनसे हम बात नहीं करेंगे,,,,, वही बच्ची बता रही है कि स्कूल परिसर में अगर समरसेबल खराब हो जाए तो उनको खुले में लगे नल पर भेज दिया जाता है जहां खुले आसमान के नीचे नग्न अवस्था में जबरन नहलाया जाता है,,, आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियां अब टीचर स्टाफ़ से डरी और सहमी हुई रहती हैं,,, क्योंकि कई बार उनके साथ मारपीट की जा चुकी है और आए दिन होती रहती है यह आवासीय विद्यालय है या कोई आवासीय जेल बच्चियां,,,,अब तो बस यही समझने की कोशिश कर रही हैं। 

    आपको बता दें आरोप यह भी लग रहे हैं कि अलीगढ़ के बीएसए लक्ष्मीकांत पांडे से विद्यालय में पढ़ाने वाली शिक्षिका गुंजन पांडे का कोई रिश्तेदारी कनेक्शन है जिसके चलते इस विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा या उनके परिजनों द्वारा शिकायत की जाती है तो बीएसए साहब उसमें दिखावटी जांच कर फ़ाइल बंद कर देते हैं कार्रवाई के नाम पर शून्य रहता है हालांकि फिर भी इस संबंध में जब बीएसए को दिल दहला देने वाली क्रूरता भरी मारपीट समेत सभी वीडियोज़ को ज़ी मीडिया ने दिखाया तो बीएसए लक्ष्मीकांंत पांडे ने जांच कर 1 हफ्ते के अंदर कार्यवाही की बात कही है ।

    हालांकि पता यह भी चलाा है ज़ी मीडिया द्वारा बीएसए के संज्ञान में लाने के बाद दो नई टीचर छात्राओं के घर पर जा जाकर समझा रही हैं कि अगर कोई अधिकारी उनसे पूछताछ करने आए  तो उनको सभी टीचर के बारे मैं अच्छा अच्छा बताना है। देखने वाली बात यह होगी के ज़िला प्रशासन से लेकर शासन तक इस दिल दहला देने वाली वीडियो के हिसाब से क्या कार्रवाई की जाएगी।अब ये देखना होगा की योगी आदित्यनाथ सरकार इन ज़ालिम टीचरों पर किया कार्येवाही करती है और BSA अलीगढ़ लक्ष्मीकांत पांडे को सब कुछ जानने के बाद भी कोई कार्येवाही क्यों नही की गई अब तक जान बूझ कर स्कूल के सभी टीचर्स को बचा ते रहे BSA लक्ष्मीकांत पांडे भी सवालों के घेरे में आगये हैं।  

Reporter : ArunKumar,
RTI NEWS


Disclaimer : हमारी वेबसाइट और हमारे फेसबुक पेज पर प्रदर्शित होने वाली तस्वीरों और सूचनाएं के लिए किसी प्रकार का दावा नहीं करते। इन तस्वीरों को हमने अलग-अलग स्रोतों से लिया जाता है, जिन पर इनके मालिकों का अपना कॉपीराइट है। यदि आपको लगता है कि हमारे द्वारा इस्तेमाल की गई कोई भी तस्वीर आपके कॉपीराइट का उल्लंघन करती है तो आप यहां अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं- rtinews.net@gmail.com

हमें आपकी प्रतिक्रियाओं की प्रतीक्षा है। हम उस पर अवश्य कार्यवाही करेंगे।


दूसरे अपडेट पाने के लिए RTINEWS.NET के Facebook पेज से जुड़ें। आप हमारे Twitter पेज को भी फॉलो कर सकते हैं।