​ ​ Read: रिटायर्ड फौजी की कहानी, जिसने अपने हुनर दिखाना समाज को आईना..!
Thursday, October 18, 2018 | 5:19:25 AM

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Read: रिटायर्ड फौजी की कहानी, जिसने अपने हुनर दिखाना समाज को आईना..!

Sunday, October 7, 2018 17:19:41 PM , Viewed: 28
  • जोशीमठ/ देहरादून -मेहनत और लगन से आप वो हासिल कर सकते है जो सपना आपने देखा है।यूं तो समाज के सामने कई  मार्गदर्शक है जिन्होने अपने हुनर से कई लोगों को आईना दिखाया.....आज हम आपको एक ऐसे रिटायर फौजी की कहानी बताने ने जा रहे है जो अपने इलाके के लिए रोल माडल बन चुके है।

    ये है 73 वर्षीय इन्द्र सिंह बिष्ट.....उम्र भले ही ज्यादा हो लेकिन दिल और दिमाग से इन्द्र सिंह जवान है....1992 में फौज से रिटायर होने के बाद जब इ्द्र सिंह अपने मूल गांव झेलम वापस आए तो रोजगार के कोई साधन नही था।भारत तिब्बत युद्व के बाद सीमान्त जिले चमोली गढ़वाल की नीति घाटी में व्यापार बंद हो गया।ऐसे मुश्किल समय में इ्द्र सिंह बिष्ट ने अपनी माटी से सोना उगाने का सपना देखा और उसे सच साबित कर दिया। इन्द्र सिंह बिष्ट ने एक छोटे सेब के बगीचे से शुरुआत की...और देखते ही देखते रेड डिलीसियस,डिलीसियस,ग्रीन एप्पल,स्फर,गोल्डन रायमर,नाशपाती,अखरोट,खुमानी का भी उत्पादन कर रहे है।इन्द्र सिंह ने बताया कि इस पूरी घाटी में उन्होने सबसे पहले सेब का उत्पादन शुरु किया और आज पूरी घाटी में सेब के बगीचे लगे हुए है।

    इन्द्र सिंह बिष्ट बताते है कि उत्तरकाशी की हर्सिल घाटी की तरह नीति घाटी में भी सेब उत्पादन की असीम संभावनाए है।उन्होने बताया कि सेब उत्पादन के लिए वे जैविक खात का इस्तेमाल करते है।सेब उत्पादन के लिए उनका नाम पदम् भूषण के लिए भी चमोली के डीएम की ओर से 2016 में भेजा गया था।इन्द्र सिंह बिष्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने भी उनका पूरा सहयोग किया।इन्द्र सिंह के बगीचे में करीब 5 सौ से अधिक पेड है और वे एक सीजन में करीब 4 लाख से ज्यादा के सेब बेच देते है।चमोली घाटी में झेलम के सेब प्रसिद्व है और इन्द्र सिंह के एप्पल गार्डन को निहारने के लिए भी दूर दूर से पर्यटक यहां पहुच रहे है और सेब भी खरीदने है।

Reporter : ArunKumar,
RTI NEWS


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